पर्व कैलेंडर

गणेश चतुर्थी 1941

भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी को गणपति स्थापना; अनंत चतुर्दशी तक दस दिन।

मंदिर की घंटियों और गेंदे के फूलों के बीच मोदक व कमल के साथ भगवान गणेश — गणेश चतुर्थी

गणेश चतुर्थी 1941एक नज़र में

गणेश चतुर्थी 1941 को है: मंगलवार, 26 अगस्त 1941. अनुशंसित मध्याह्न पूजा मुहूर्त — 10:43 – 13:16.

तिथि
मंगलवार, 26 अगस्त 1941
तिथि प्रारंभ
06:09 PM, सोमवार, 25 अगस्त 1941
तिथि समाप्त
03:46 PM, मंगलवार, 26 अगस्त 1941
संकल्प (सूर्योदय)
05:36
मध्याह्न पूजा मुहूर्त
10:43 – 13:16
व्रत अवधि (तिथि)
1941-08-25 · 18:09 → 15:46
पारण (तिथि समाप्ति)
15:46
मुहूर्त अवधि
2 घंटे 33 मिनट
गणेश विसर्जन (अनंत चतुर्दशी)
गुरुवार, 4 सितंबर 1941
इस वर्ष की तिथि देखें — गणेश चतुर्थी 2026 कब है
गणेश चतुर्थी 1941 तिथि
मंगलवार, 26 अगस्त 1941
तिथि: भाद्रपद शुक्ल चतुर्थी
तिथि अवधि: 06:09 PM, सोमवार, 25 अगस्त 1941 → 03:46 PM, मंगलवार, 26 अगस्त 1941

मुहूर्त और समय

काशी/IST · खगोलीय गणना
  • संकल्प (सूर्योदय)05:36
  • मध्याह्न पूजा मुहूर्त10:43 – 13:16
  • व्रत अवधि (तिथि)1941-08-25 · 18:09 → 15:46
  • पारण (तिथि समाप्ति)15:46

पर्व-दिन शास्त्रीय नियमों से निर्धारित हैं — उदया, प्रदोष, निशिता, मध्याह्न या अपराह्न व्यापिनी, जैसा प्रत्येक पर्व का विधान है — काशी/वाराणसी (IST) हेतु गणना। कुछ वर्षों में क्षेत्रीय पालन एक दिन आगे-पीछे हो सकता है।

गणेश चतुर्थी की पूजा विधि, व्रत नियम और कथा पढ़ें

गणेश चतुर्थी — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गणेश चतुर्थी पर चंद्र-दर्शन क्यों वर्जित है?

चंद्रमा ने गणेश जी का उपहास किया था और शापित हुआ कि इस तिथि पर जो उसे देखेगा उस पर मिथ्या कलंक लगेगा। स्यमंतक मणि प्रसंग में स्वयं श्रीकृष्ण को यह भोगना पड़ा; उसी कथा का पाठ विहित उपाय है।

प्रतिमा कितने दिन रखनी चाहिए?

डेढ़, तीन, पाँच, सात अथवा दस दिन — सभी मान्य हैं। महत्व इसका है कि प्रतिदिन आरती हो और स्थापना के समय जो संकल्प लिया गया, उसी के अनुसार विसर्जन हो।

गणेश जी को क्या अर्पित किया जाता है?

इक्कीस दूर्वा-दल, लाल पुष्प और मोदक। मोदक उनका विशेष भोग है और उसका कोई विकल्प नहीं लिया जाता।