भाद्रपद 2013 आरंभ व समाप्ति तिथि (भाद्रपद मास)
उत्तर भारत (पूर्णिमांत): गुरुवार, 22 अगस्त 2013 – गुरुवार, 19 सितंबर 2013
अमांत क्षेत्र: शुक्रवार, 6 सितंबर 2013 – शनिवार, 5 अक्टूबर 2013
गणेश चतुर्थी, जन्माष्टमी, हरतालिका तीज और पितृ पक्ष का पर्व-बहुल मास।
भाद्रपद 2013 एक नज़र में
- भाद्रपद शिवरात्रि
- बुध, 4 सित॰
- पूर्णिमा
- गुरु, 19 सित॰
- अमावस्या
- गुरु, 5 सित॰
- भाद्रपद शिवरात्रि
- शुक्र, 4 अक्टू॰
- पूर्णिमा
- गुरु, 19 सित॰
- अमावस्या
- शनि, 5 अक्टू॰
भाद्रपद का महत्व — भगवान गणेश एवं कृष्ण
भाद्रपद, वर्षा के अंत में, वर्ष के कुछ सबसे बड़े अनुष्ठान धारण करता है — जन्माष्टमी पर कृष्ण का जन्म, गणेश चतुर्थी पर गणेश की स्थापना, और अनंत चतुर्दशी पर समाप्त होने वाले दस दिन। इसका दूसरा, कृष्ण पक्ष पितृ पक्ष है, जो तर्पण और श्राद्ध द्वारा पूर्णतः पितरों को समर्पित है।
भाद्रपद के अनुष्ठान
- गणेश स्थापना और अनंत चतुर्दशी तक दस दिन की आरती
- जन्माष्टमी का निशीथ व्रत और अभिषेक
- हरतालिका तीज — निर्जला शिव-पार्वती व्रत
- पितृ पक्ष भर पितरों हेतु तर्पण और श्राद्ध
- हरतालिका और ऋषि पंचमी व्रत
- अनंत चतुर्दशी और अनंत सूत्र बाँधना
भाद्रपद 2013 के प्रमुख दिन
व्रत और तिथियाँ उसी मास-अवधि से निकाली जाती हैं जिसका आप पंचांग मानते हैं — इसलिए दोनों पद्धतियाँ अलग-अलग दी गई हैं।
उत्तर भारत · पूर्णिमांत
गुरु, 22 अग॰ – गुरु, 19 सित॰ · 29 दिन
अमांत क्षेत्र
शुक्र, 6 सित॰ – शनि, 5 अक्टू॰ · 30 दिन
भाद्रपद 2013 के पर्व
पूर्णिमांत मास-अवधि (गुरु, 22 अग॰ – गुरु, 19 सित॰) के भीतर। पर्व तिथि से तय होते हैं, इसलिए दोनों पद्धतियों में एक ही दिन पड़ते हैं।
- कजरी तीज — शुक्र, 23 अग॰
- कृष्ण जन्माष्टमी — बुध, 28 अग॰
- हरतालिका तीज — रवि, 8 सित॰
- गणेश चतुर्थी — सोम, 9 सित॰
- राधा अष्टमी — शुक्र, 13 सित॰
- अनंत चतुर्दशी — बुध, 18 सित॰
अमांत भाद्रपद में अतिरिक्त (शुक्र, 6 सित॰ – शनि, 5 अक्टू॰)
मासिक व्रत 2013
भाद्रपद 2013 — अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
भाद्रपद मास 2013 कब से शुरू है?
उत्तर भारत (पूर्णिमांत पंचांग) में भाद्रपद गुरुवार, 22 अगस्त 2013 से गुरुवार, 19 सितंबर 2013 तक रहता है। अमांत पंचांग वाले क्षेत्रों में यह शुक्रवार, 6 सितंबर 2013 से शनिवार, 5 अक्टूबर 2013 तक रहता है।
उत्तर और दक्षिण भारत में भाद्रपद की तिथियाँ अलग क्यों हैं?
क्योंकि दोनों भिन्न चंद्र पंचांग का पालन करते हैं। पूर्णिमांत पंचांग (उत्तर भारत) में मास पूर्णिमा पर समाप्त होता है, अतः यह अमांत की तुलना में लगभग 15 दिन पहले आरंभ होता है। अमांत पंचांग (आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गोवा, महाराष्ट्र, गुजरात, कर्नाटक और तमिलनाडु) में मास अमावस्या से अमावस्या तक चलता है।
भाद्रपद 2013 किसे समर्पित है?
भाद्रपद, वर्षा के अंत में, वर्ष के कुछ सबसे बड़े अनुष्ठान धारण करता है — जन्माष्टमी पर कृष्ण का जन्म, गणेश चतुर्थी पर गणेश की स्थापना, और अनंत चतुर्दशी पर समाप्त होने वाले दस दिन। इसका दूसरा, कृष्ण पक्ष पितृ पक्ष है, जो तर्पण और श्राद्ध द्वारा पूर्णतः पितरों को समर्पित है।
भाद्रपद शिवरात्रि 2013 कब है?
भाद्रपद शिवरात्रि 2013 — भाद्रपद मास की मासिक शिवरात्रि (कृष्ण चतुर्दशी) — उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में बुधवार, 4 सितंबर 2013 को है। अमांत क्षेत्रों में यह शुक्रवार, 4 अक्टूबर 2013 को पड़ती है। इस दिन शिवलिंग का जलाभिषेक और रात्रि-पूजन का विशेष महत्व है।
भाद्रपद 2013 कब समाप्त होगा?
उत्तर भारत (पूर्णिमांत) में भाद्रपद गुरुवार, 19 सितंबर 2013 को श्रावण पूर्णिमा पर समाप्त होता है। अमांत क्षेत्रों में यह शनिवार, 5 अक्टूबर 2013 को अमावस्या पर समाप्त होता है।
क्या सावन और श्रावण एक ही मास हैं?
हाँ। भाद्रपद मास इस चांद्र मास का संस्कृत नाम है और भाद्रपद उसी का प्रचलित हिन्दी रूप। दोनों एक ही अवधि बताते हैं — केवल नाम अलग है, तिथियाँ नहीं।
क्या भाद्रपद 2013 अधिक मास है?
नहीं। भाद्रपद 2013 एक सामान्य 29-दिवसीय मास है।